आइए जुड़े इस महाअभियान से बदल डाले समाज की छवि
नमस्कार साथियों,
आज एक खास बात आपको बता रहा हूं। जैसा कि आपको पता है कि मध्य प्रदेश सरकार अपने सरकारी स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम चला रही है। इसी के अंतर्गत एक कार्यक्रम है "मिल-बांचे मध्य प्रदेश" । इस कार्यक्रम में 18 फरवरी 2017 को विभिन्न स्कूलों में बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस काम के लिए मध्यप्रदेश शासन ने वालंटियर्स का चयन किया है। अब तक लगभग 800 से ज्यादा वालंटियर्स अपना नाम दर्ज करवा चुके हैं। इसमें मैं भी शामिल हूं और मुझे रायसेन जिले के सिमरोदा गांव की स्कूल में जाकर बच्चों को किताब पढ़ने के लिए प्रेरित करना है। मेरा आग्रह है कि आप भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लें। खासतौर से वे लोग, जिन्हें बोलने का शौक है और जो लीडरशिप करना चाहते हैं। अब सवाल यह है कि हम क्यों सरकार के इस कार्यक्रम में हिस्सेदारी करें। तो मेरा जवाब यह है कि यहां हमें सरकार के कार्यक्रम से ज्यादा खुद को उभारने की कोशिश करनी है। जैसे जब यह कार्यक्रम संपन्न होगा तो इसमें शामिल लोगों की सूची शासन के पास दर्ज रहेगी। जब भी कोई योजना बनेगी सर्वप्रथम इन वालेंटियर्स को संपर्क किया जाएगा। इससे आप मध्यप्रदेश के साढे सात करोड़ लोगों में अलग पहचान बना पाओगे। भविष्य में कांग्रेस सरकार भी आती है तो भी आप के नाम विभाग के पास मौजूद रहेंगे। वही यदि 800 लोगों में से 200 लोग हमारे होंगे तो एक अलग तरह की छवि समाज की बनेगी, क्योंकि सरकारी दस्तावेज निरंतर चलता है। इस तरह की योजनाओं में समग्र आंकड़ा देखा जाता है कि किन की भागीदारी अधिक रही। दूसरा फायदा यह है कि आप लोगों को किसी भी एक स्कूल में जाकर मोटिवेटर के रूप में काम करने का मौका मिलेगा। आप संगठन से जुड़े हो अथवा नहीं जुड़े हो, लेकिन इस कार्यक्रम में हिस्सा जरूर लें इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए schoolchalehum.mp.gov.in पर जाकर खुद को रजिस्टर्ड करें। आपको एक संदेश के जरिए रजिस्टर्ड होने की सूचना मिलेगी। रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तिथि 12 फरवरी 2017 है। मैं यहां फिर आपको स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि, आपको सरकार से नहीं बल्कि एक अच्छे कार्यक्रम से जुड़कर अपने समाज का प्रमोशन करना है।
धन्यवाद
आपका
भीम सिंह सीहरा, प्रदेश अध्यक्ष
मीणा समाज शक्ति संगठन, मध्य प्रदेश
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